Trump Suspends Project Freedom News: होर्मुज में ऑपरेशन बंद, पाक की अपील
वैश्विक राजनीति के मंच से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, Trump Suspends Project Freedom News की पुष्टि करते हुए व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार रात एक चौंकाने वाले फैसले में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है।
जानकारों का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह महत्वपूर्ण निर्णय पाकिस्तान की विशेष अपील और ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत में हुई प्रगति के बाद लिया गया है।
क्या है 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और क्यों लिया गया यह यू-टर्न?
खबरों के अनुसार, सोमवार सुबह ही अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए Project Freedom Hormuz Strait शुरू किया था। आपको बता दें कि इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध के कारण बीच समुद्र में फंसे दर्जनों व्यापारिक जहाजों को सैन्य सुरक्षा प्रदान करना था। हालांकि, Trump Suspends Project Freedom News के सुर्खियों में आने के बाद अब इस पूरे मिशन पर विराम लग गया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस ऑपरेशन को रोकने की भावुक अपील की गई थी। पाकिस्तान का तर्क था कि सैन्य हस्तक्षेप से क्षेत्र में पूर्ण युद्ध छिड़ सकता है। ईरान के साथ पर्दे के पीछे चल रही बातचीत में सकारात्मक संकेत मिलने के बाद ट्रम्प ने सेना को पीछे हटने का आदेश दिया।
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव
क्या आपको पता है कि इस ऑपरेशन के दौरान खाड़ी क्षेत्र में US Iran maritime conflict अपने चरम पर पहुंच गया था। पिछले 48 घंटों का डेटा देखें तो स्थिति काफी चिंताजनक रही है:
| विवरण | आंकड़े/स्थिति |
|---|---|
| ऑपरेशन की कुल अवधि | लगभग 36 घंटे |
| सुरक्षित निकाले गए जहाज | 03 (सोमवार: 2, मंगलवार: 1) |
| होर्मुज में फंसे कुल जहाज | 1550 (लगभग) |
| तैनात अमेरिकी सैनिक | 15,000 सैनिक |
| तैनात युद्धपोत | USS George H.W. Bush warship और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर |
| सामान्य दिनों में औसत आवाजाही | 130 जहाज प्रतिदिन |
ईरान की प्रतिक्रिया और UAE पर हमले
जैसे ही अमेरिका ने USS George H.W. Bush warship को होर्मुज की ओर रवाना किया, ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया। ईरान के सरकारी मीडिया ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के बंद होने को अपनी नैतिक जीत करार दिया है।
इतना ही नहीं, ऑपरेशन के विरोध में ईरान ने न केवल दक्षिण कोरिया के एक जहाज को निशाना बनाया, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, ईरानी सेना ने अमेरिकी विमानों और नौकाओं पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान की कुछ छोटी नौकाओं को तबाह कर दिया था। इस टकराव ने Global oil supply chain disruption का खतरा पैदा कर दिया था, जिसे देखते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी अस्थिरता देखी गई।
प्रोजेक्ट फ्रीडम से जुड़ी 5 बड़े अपडेट्स
- UNSC में नया प्रस्ताव: अमेरिका ने होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए UNSC maritime resolution पेश किया है, जिसमें ईरान से टोल वसूली और माइंस बिछाना बंद करने की मांग की गई है।
- UAE डिफेंस सिस्टम सक्रिय: ईरान द्वारा लगातार दूसरे दिन किए गए Fujairah missile attack को UAE के डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नाकाम कर दिया।
- भारत की नाराजगी: फुजैराह में हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों के घायल होने पर भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है और हिंसा तुरंत रोकने की अपील की है।
- चीन का नया कानून: चीन ने अपनी कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में न आएं, वरना उन पर घरेलू कार्रवाई की जाएगी।
- नाविकों का संकट: होर्मुज में फंसे 87 देशों के करीब 22,500 नाविकों की मानसिक और शारीरिक सेहत को लेकर Hormuz Strait shipping crisis गहराता जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय
शिपिंग कंपनियों के संगठन 'इंटरटैंको' का कहना है कि ट्रम्प सरकार के इस फैसले में तालमेल की कमी दिखती है, जिससे जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सेना की मदद के इन जहाजों को सुरक्षित निकालना मुमकिन नहीं है, लेकिन Donald Trump Pakistan appeal को मानकर ऑपरेशन रोकना यह संकेत देता है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ सीधा युद्ध मोल लेने के बजाय बातचीत से रास्ता निकालना चाहता है।
निष्कर्ष
क्या आप भी ऐसा मानते हैं कि Trump Suspends Project Freedom News ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां एक ओर इसे तनाव कम करने की दिशा में एक कदम देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों फंसे हुए नाविकों और अरबों डॉलर के माल की सुरक्षा अभी भी अधर में है।
हकीकत तो यह है कि यदि ईरान अपने वादे के मुताबिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं देता है, तो आने वाले दिनों में यह संकट एक बड़े वैश्विक आर्थिक संकट में बदल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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