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Petrol Diesel Price Hike: देशभर में बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

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 Petrol Diesel Price Hike: देशभर में बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब वाहन चलाना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। लंबे समय बाद ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसका असर सीधे आम आदमी के बजट पर पड़ने वाला है।

Petrol Diesel Price Hike News in Hindi

नई कीमतें लागू होते ही कई शहरों में लोगों ने पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगाईं। लोगों का कहना है कि पहले ही महंगाई से घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा था और अब पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परेशानी और बढ़ जाएगी। खासकर रोजाना बाइक या कार से ऑफिस जाने वाले लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

Petrol Diesel Price Today: कितने बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम?

सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में लगभग 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में करीब 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत करीब 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी ईंधन के दाम बढ़ गए हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की वजह से कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

क्यों बढ़े ईंधन के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आने के कारण भारत में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हुए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के चलते वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। इसी वजह से कच्चा तेल महंगा हो गया।

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है। तेल कंपनियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वे नुकसान में ईंधन बेच रही थीं, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया था।

आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

पेट्रोल और डीजल में हुई इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ गाड़ियों के खर्च तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से अब रोजमर्रा की कई चीजें भी महंगी हो सकती हैं।

फल, सब्जियां, दूध, राशन और दूसरी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। ट्रकों और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ने से बाजार में सामान पहुंचाने की लागत भी बढ़ेगी। इसका असर आम ग्राहकों को भुगतना पड़ सकता है।

बस और टैक्सी किराए में भी आने वाले दिनों में इजाफा हो सकता है। अगर ईंधन की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो महंगाई और बढ़ सकती है।

मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की बढ़ी चिंता

सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर दिखाई दे सकता है। रोज ऑफिस आने-जाने वाले लोग अब हर महीने ज्यादा ईंधन खर्च करेंगे। जिन परिवारों के पास कार और बाइक दोनों हैं, उनका मासिक बजट और बिगड़ सकता है।

इसके अलावा छोटे व्यापारियों और डिलीवरी का काम करने वाले लोगों की लागत भी बढ़ेगी। ऑनलाइन सामान पहुंचाने वाली कंपनियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?

ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि सरकार ने कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है। लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

सीएनजी और दूसरी ऊर्जा कीमतों पर भी असर

पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद अब सीएनजी के दाम बढ़ने की भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ शहरों में सीएनजी पहले ही महंगी हो चुकी है। ऐसे में ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ सकता है।

इसके अलावा अगर तेल की कीमतें लगातार ऊंची रहीं तो बिजली उत्पादन और औद्योगिक लागत पर भी असर देखने को मिल सकता है।

लोगों को क्या सलाह दी जा रही है?

विशेषज्ञ लोगों को जरूरत के अनुसार वाहन इस्तेमाल करने और ईंधन बचाने की सलाह दे रहे हैं। कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ता रुझान आने वाले समय में और तेज हो सकता है।

फिलहाल देशभर में लोग बढ़ती महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर चिंता में हैं। आने वाले दिनों में बाजार और आम जीवन पर इसका असर और साफ दिखाई दे सकता है।  

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