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Summer Health Tips: गर्मियों में होने वाली बीमारियों से खुद को कैसे बचाएं?

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Summer Health Tips: गर्मियों में होने वाली बीमारियों से खुद को कैसे बचाएं?

गर्मियों की दस्तक के साथ ही सूरज की तपिश और लू का दौर भी शुरू हो जाता है। जहाँ एक ओर यह मौसम आमों की मिठास और छुट्टियों की मस्ती लाता है, वहीं दूसरी ओर यह हमारे स्वास्थ्य के लिए कई चुनौतियाँ भी खड़ी कर देता है।

गर्मियों के मौसम में जैसे-जैसे पारा चढ़ता है, वैसे-वैसे संक्रामक बीमारियों और शारीरिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि इस मौसम में हमारा शरीर किस तरह के खतरों के प्रति संवेदनशील होता है और इन खतरों से क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

गर्मियों की 10 बड़ी बीमारियाँ (10 Summer Season Diseases and Prevention In Hindi)

इस Summer Health Tips ब्लॉग में हम बात करेंगे उन 10 बीमारियों के बारे में जो गर्मियों में सबसे ज्यादा कहर बरपाती हैं। हम केवल समस्या पर ही नहीं, बल्कि उनसे बचने के उन आसान और सटीक उपायों पर भी चर्चा करेंगे जिन्हें अपनाकर आप और आपका परिवार पूरी गर्मी सुरक्षित रह सकता है। चलिए जानते हैं कैसे रहें इस तपती गर्मी में कूल और हेल्दी।

1. हीट स्ट्रोक (लू लगना)

जब हम लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं, तो हमारे शरीर का कूलिंग सिस्टम काम करना बंद कर देता है। इससे शरीर का तापमान ऊपर चला जाता है, जिसे लू लगना कहते हैं। इसमें सिरदर्द, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण दिखते हैं।

बचाव: दोपहर 12 से 4 के बीच घर के अंदर रहें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सूती कपड़े से सिर और कान ढककर निकलें।

2. डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी)

पसीने के जरिए शरीर से नमक और पानी बाहर निकल जाता है। अगर इसकी भरपाई न की जाए, तो शरीर सूखने लगता है, पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाता है और बहुत थकान महसूस होती है।

बचाव: प्यास न लगने पर भी हर आधे घंटे में पानी पिएं। छाछ, लस्सी, दही और नींबू पानी का सेवन बढ़ा दें।

3. फूड पॉइजनिंग

गर्मियों में नमी और गर्मी के कारण खाने में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पैदा होते हैं। बासी या खुला खाना खाने से पेट में मरोड़, उल्टी और दस्त की समस्या हो जाती है।

बचाव: हमेशा ताजा बना भोजन खाएं। फ्रिज में रखा खाना भी अच्छे से गर्म करके ही खाएं। बाहर के कटे हुए फल और जूस से बचें।

4. टाइफाइड

यह दूषित पानी और गंदगी से फैलने वाली बीमारी है। इसमें मरीज को तेज बुखार रहता है जो कई दिनों तक नहीं उतरता, साथ ही भूख भी कम लगती है।

बचाव: पानी हमेशा उबालकर या फिल्टर करके पिएं। खाने से पहले और शौचालय के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।

5. पीलिया

गर्मियों में दूषित बर्फ या गंदा पानी पीने से लिवर में संक्रमण हो जाता है। आंखों और नाखूनों का रंग पीला पड़ना इसका मुख्य लक्षण है।

बचाव: सड़क किनारे मिलने वाले गन्ने का रस या शरबत से परहेज करें, क्योंकि अक्सर यह साफ पानी के नहीं होते।

6. घमौरियां और त्वचा संक्रमण

पसीने की नलियां बंद होने से पीठ, गर्दन और छाती पर लाल दाने हो जाते हैं जिनमें बहुत खुजली और जलन होती है।

बचाव: दिन में दो बार ठंडे पानी से नहाएं। टेलकम पाउडर का प्रयोग करें और सिंथेटिक कपड़ों की जगह सूती कपड़े ही पहनें।

7. चिकनपॉक्स

यह एक वायरल बीमारी है जो हवा के जरिए फैलती है। इसमें पूरे शरीर पर पानी भरे छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं और हल्का बुखार रहता है।

बचाव: साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। यदि घर में किसी को यह है, तो उससे दूरी बनाकर रखें और उनके कपड़े अलग धोएं।

Note: लेटेस्ट न्यूज़ हिंदी में पढ़ें और स्वास्थ्य व फिटनेस से जुड़ी हर खबर को आसान और सरल भाषा में जानें।

8. खसरा

यह श्वसन तंत्र (Respiratory System) का संक्रमण है जो वायरस से होता है। इसमें सूखी खांसी, नाक बहना और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं।

बचाव: बच्चों को समय पर एमएमआर का टीका जरूर लगवाएं। संतुलित आहार लें ताकि इम्युनिटी मजबूत रहे।

9. मम्प्स

इसमें कान के ठीक नीचे की लार ग्रंथियों में सूजन आ जाती है, जिससे चेहरा सूजा हुआ दिखता है और कुछ भी चबाने या निगलने में बहुत दर्द होता है।

बचाव: संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से यह फैलता है, इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें।

10. सनबर्न

सूरज की पराबैंगनी (UV) किरणें त्वचा की ऊपरी परत को जला देती हैं, जिससे स्किन लाल पड़ जाती है और बाद में काली होने लगती है।

बचाव: घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन क्रीम ज़रूर लगाएं। धूप में छाते का प्रयोग करना सबसे बेहतर है।

स्वस्थ रहने के लिए 5 जादुई समर टिप्स

क्या करेंक्या न करें
खूब सारा पानी और नारियल पानी पिएं।चाय, कॉफी और शराब का सेवन कम करें।
खीरा, तरबूज और खरबूजा जैसे फल खाएं।बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार न खाएं।
ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें।दोपहर में भारी एक्सरसाइज या मेहनत न करें।
आंखों के लिए सनग्लासेस का प्रयोग करें।नंगे पैर गर्म जमीन या फर्श पर न चलें।
ओआरएस (ORS) का पैकेट हमेशा साथ रखें।बासी खाना या रात की बची सब्जी न खाएं।

निष्कर्ष

गर्मियां बीमार होने के लिए नहीं, बल्कि आम पन्ना और ठंडी फुहारों का आनंद लेने के लिए हैं। यदि आप अपनी डाइट में तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ाते हैं और स्वच्छता का ख्याल रखते हैं, तो ये बीमारियां आपके पास भी नहीं फटकेंगी। गर्मियों में होने वाली बीमारियों से खुद को बचाने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज और सबसे बड़ी Summer Health Tip है।

नोट: यह ब्लॉग केवल जानकारी के लिए है। यदि आपको या परिवार में किसी को ऊपर बताए गए लक्षण गंभीर रूप से दिखें, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

लू लगने पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना, त्वचा का लाल होना और जी मिचलाना इसके प्रमुख शुरुआती लक्षण हैं।

पानी के अलावा आप नारियल पानी, ताजी छाछ, नींबू पानी, आम पन्ना, बेल का शरबत और पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज या खीरा ले सकते हैं।

पूरी तरह बंद करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन बाहर के खुले कटे हुए फल, बिना ढका हुआ खाना और सड़क किनारे मिलने वाली बर्फ से बचना चाहिए।

घमौरियों के लिए दिन में दो बार ठंडे पानी से नहाना, ढीले सूती कपड़े पहनना और प्रभावित जगह पर टेलकम पाउडर या चंदन का लेप लगाना सबसे असरदार तरीका है।

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