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Tonsils Meaning in Hindi: लक्षण और ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय

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Tonsils Meaning in Hindi: लक्षण और ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय

अक्सर हम अपने गले में दर्द, खराश या फिर निगलने में होने वाली दिक्कतों का सामना करते हैं। ज्यादातर लोग इसे साधारण सा सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और अपने कामों में व्यस्त हो जाते हैं। लेकिन कई बार यह साधारण सा दिखने वाला सर्दी जुकाम Tonsils का कारण भी बन सकता है।

टॉन्सिल के लक्षण (Tonsils symptoms in hindi) ज्यादातर सर्दी या फ्लू से मिलते-जुलते नजर आते हैं, जिसकी वजह से लोगों को इसके कारणों का पता आसानी से नहीं चल पाता है। आइए जानते हैं क्या है टॉन्सिल (Tonsils meaning in hindi) और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है?

क्या है टॉन्सिल (Tonsil kya hota hai)?

टॉन्सिल गले के दोनों ओर पाए जाने वाले छोटे ऊतक होते हैं, जो आपके शरीर को हानिकारक बैक्टीरिया और वायरल से बचाने में मदद करते हैं। यह एक तरह से हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम का हिस्सा है।

टॉन्सिल की समस्या तब अधिक बढ़ जाती है, जब यह बार-बार सूज जाते हैं या दर्द का कारण बनते हैं। टॉन्सिल से होने वाले इन्फेक्शन की वजह से लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और गले में गंभीर दर्द जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

कई बार टान्सिल से इतना अधिक संक्रमण भी हो जाती है कि डॉक्टर को सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। आइए जानें कि टॉन्सिल (Tonsils meaning in hindi) और इसके लक्षणों (Tonsils symptoms in hindi) में क्या शामिल है?

टॉन्सिल के लक्षण (Tonsils symptoms in hindi)

  • गले में तेज दर्द: टॉन्सिल से आपको गले में तेज दर्द हो सकता है, जिसकी वजह से बोलने में कठिनाई और निगलने में होने वाली दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
  • निगलने में कठिनाई: जब Tonsils सूज जाते हैं, तो यह गले के इंटरनल पार्ट को ब्लॉक कर देते हैं। ऐसे में आपको खाना खाते समय निगलने में दर्द महसूस होने लगता है।
  • शरीर का तापमान बढ़ना: टॉन्सिल से शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जो कि बुखार का कारण बनता है। इसमें आपको 101° F या इससे भी अधिक बुखार हो सकता है।
  • गले में सूजन: जब गले में Tonsils का इंफेक्शन होता है, तो वे सूज जाते हैं और लाल दिखने लगते हैं। सूजन की वजह से गले के अंदर टॉन्सिल का आकार भी बढ़ जाता है, जिसकी वजह से कई तरह की समस्याएं सामने आने लगती है।
  • खराश: कई बार गले में होने वाली खराश या खांसी टॉन्सिल के लक्षण (Tonsils symptoms in hindi) हो सकते हैं। यह गले में सूजन का कारण बन सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
  • आवाज में परिवर्तन: जब टॉन्सिल सूज जाते हैं, तो आवाज में बदलाव दिखने लगता है। कई बार गले का बैठ जाना, आवाज में भारीपन या खराश जैसा महसूस होने लगता है।
  • थकावट: टॉन्सिल के कारण आपको सिर दर्द या शरीर में थकान महसूस होने लगती है। सिर भारी होना या शरीर में थकावट महसूस होना टॉन्सिल के आम लक्षण हैं।

टॉन्सिल कैंसर के लक्षण (Tonsils cancer symptoms in hindi​)

अगर आपको गले में लगातार खराश या दर्द, निगलने में कठिनाई, एक तरफ कान में दर्द और गर्दन में गांठ जैसा महसूस होता है, तो इसे सामान्य टॉन्सिल नहीं समझें।

ये सभी लक्षण टॉन्सिल कैंसर के हो सकते हैं। इन सबके अलावा, सांस में बदबू, लार में खून आना और लगातार वजन का घटना भी टॉन्सिल कैंसर के लक्षण (Tonsils cancer symptoms in hindi​) हो सकते हैं। ऐसी अवस्था में उचित इलाज और डॉक्टर की सलाह से ही ट्रीटमेंट लेना चाहिए।

टॉन्सिल में क्या खाना चाहिए (Tonsils me kya khana chahiye)?

अगर आप भी टॉन्सिल से परेशान हैं और इसे ठीक करने के उपाय खोज रहे (Remedies for tonsils in hindi) हैं , तो यहां हम आपको बताएंगे कि आपको Tonsils me kya khana chahiye?

  1. शहद:  शहद को एक रामवाण इलाज के रूप में देखा जाता है। अगर आप भी टॉन्सिल की समस्या से परेशान हैं, तो आप शेहद का सेवन कर सकते हैं। आप शहद को ऐसे भी खा सकते हैं या फिर उसे काली मिर्च पाउडर के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं। आप गुनगुने पानी में नीबूं और शहद मिलाकर पीएं। ये आपके गले की सूजन को कम करने में मदद करेगा।
  2. अदरक: अदरक को एक प्राकृतिक दवा के रूप में देखा जाता है। आप इसका इस्तेमाल कई तरह से कर सकते हैं। अगर आप अदरक को शहद के साथ मिलाकर चूसते हैं, तो इससे आपके गले को तुरंत राहत मिलेगी।
  3. उबली पालक और उबले आलू: Tonsils की वजह से खाना निगलने में कठिनाई होती है। ऐसे में आप उबले हुए आलू या उबली हुई पालक का सेवन कर सकते हैं। उबले हुए आलू काफी मुलायम होते हैं, इसे आसानी से निगला जा सकता है। वहीं, उबली हुई पालक का सूप बनाकर पीने से गले को सेक लगता है और राहत मिलती है।
  4. साफ और हल्का खाना: आप हल्का खाना जैसे- दाल, दलिया या खिचड़ी भी खा सकते हैं। ये शरीर को प्रोटीन देते हैं और इनसे गले में जलन भी नहीं होती है।
  5. गर्म पानी: टॉन्सिल की समस्या होने पर आप पानी को गुनगुना कर नमक मिलाकर इससे गरारे कर सकते हैं। यह एक बेहतरीन इलाज हो सकता है। पानी में नमक मिल जाने से यह बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है।
  6. इडली: अगर आपको ज्यादा भूख लगती है, लेकिन टॉन्सिल में आपको समझ नहीं आ रहा है कि क्या खाएं। ऐसे में इडली आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इडली काफी मुलायम होती है, जिसे आप आसानी से निगल सकते हैं। गरम-गरम इडली खाने से गले को राहत मिलेगी और आपका पेट भी भर भी जाएगा।

टॉन्सिल में क्या नहीं खाना चाहिए?

Tonsils होने पर इन चीजों से परहेज करें।

  • कच्ची सब्जियां व ड्राई फ्रूट का सेवन ना करें। इनसे टॉन्सिल का दर्द बढ़ सकता है। जितना हो सके, उतना इन चीजों से दूर रहें।
  • टॉन्सिल की समस्या में खट्टी चीजें जैसे- चटनी, अचार और सॉस आदि से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • शराब, तंबाकू का सेवन करने से टॉन्सिल की समस्या विकराल रूप ले सकती है। इनके इस्तेमाल से गले में जलन, खराश इत्यादि हो सकती है। इसलिए इनका सेवन करने से बचें।
  • कैफीन का सेवन ना करें।
  • पैक्ड जूस का इस्तेमाल ना करें। इनमें आर्टिफिशियल कलर और अधिक मात्रा में चीनी होती है, जो गले में सूजन को बढ़ा सकती है।
  • गले में इंफेक्शन होने से हमारा इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में अगर आप ज्यादा मसालेदार या तला-भुना खाना खाते हैं, तो ये इम्यूनिटी सिस्टम को और वीक कर देंगे। इसलिए मसालेदार और तला-भुना खाना नजरअंदाज करें।
  • Tonsils होने पर दही ना खाएं। दही में लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया होते हैं, जो कि टॉन्सिल इंफेक्शन को बढ़ाते हैं। ऐसे में आपकी छाती में बलगम की समस्या, खांसी इत्यादि हो सकती है।

टॉन्सिल के इलाज (Tonsils treatment in hindi)

टॉन्सिल से राहत पाने के लिए आप इन घरेलू उपचार (Home remedies for tonsils in hindi) का सहारा भी ले सकते हैं।

  1. टॉन्सिल की समस्या से निजात पाने के लिए आप गर्म नमक पानी के गरारे कर सकते हैं। ये आपकी सूजन को कम करने के साथ ही गले को राहत देंगे।
  2. गर्म पानी या हर्बल के साथ शहद मिलाकर पीने से गले में दर्द, जलन और खराश दूर होती है।
  3. अदरक की चाय बैक्टीरिया से लड़ती है और दर्द में तुरंत राहत प्रदान करती है। आप मुलेठी की जड़ वाली चाय का भी सेवन कर सकते हैं। ये आपके गले के बलगम को साफ कर गले को आराम देने में मदद करेगी।
  4. जब भी आपको गले में दर्द, सूजन या सर्दी जैसा महसूस होता है। ऐसे में गर्म पानी से भाप लेना फायदेमंद हो सकता है। अगर आप यह उपाय डेली करते हैं, तो आपको अधिक लाभ देखने को मिलेगा।
  5. हल्दी वाला दूध प्राकृतिक रूप से हमारे लिए हेल्दी माना जाता है। हल्दी में करक्यूमिन शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल पाएं जाते हैं, जो लाभकारी होते हैं। हल्दी को दूध में मिलाकर पीने से हमारा इम्यूनिटी सिस्टम बूस्ट होता है और इंफेक्शन में तुरंत राहत मिलती है।
  6. लौंग और तुलसी का सेवन हमारे लिए काफी स्वास्थ्य वर्धक माना जाता है। बड़े-बूढ़े लोग हमेशा ही लौंग और तुलसी की चाय पीने की सलाह देते हैं। लौंग में मौजूद यूजेनॉल दर्द निवारक गुणों वाला एक प्राकृतिक स्त्रोत है। वहीं, तुलसी में सूजन-रोधी और रोगाणुरोधी प्रभाव होते हैं। इन दोनों का मिश्रण टॉन्सिल के लक्षणों को कम कर सकता है।

ध्यान देने योग्य बातें

हर इंफेक्शन से पूरी तरह से बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियों को ध्यान में रखने से हम इन्हें कुछ हद तक बढ़ने से रोक सकते हैं। टॉन्सिल के संक्रमण को कम करने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें।

  • हाथों की नियमित सफाई करें। खासकर बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। सर्दी-जुकाम के समय छींक आने पर हाथों को साफ करना ना भूलें।
  • Tonsil होने पर पौष्टिक खाना जैसे- फल, सब्जियां, दालें आदि खाएं। विटामिन्स और मिनरल से भरपूर आहार लें।
  • अच्छी और पर्याप्त नींद ले। नींद पर्याप्त होने से शरीर को आराम मिलता है और इम्यून सिस्टम बढ़ता है।
  • बीमारी हो या ना हो, योग करना जरूरी है। नियमित योगा करने से तनाव कम होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जो हमारे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है।
निष्कर्ष

टॉन्सिल की समस्या से छुटकारा पाने के लिए सही इलाज और उचित देखभाल बेहद ही आवश्यक है। इस समस्या को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय जैसे- शहद और अदरक का सेवन, गर्म पानी से गरारे, मुलेठी, लौंग, तुलसी का सेवन किया जा सकता है। संतुलित आहार, स्वच्छता और पर्याप्त नींद का भी विशेष ध्यान रखें। इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए योग भी किया जा सकता है।

यदि घरेलू इलाज से राहत ना मिले, तो डॉक्टर की सलाह लें। अगर टॉन्सिल की समस्या काफी लंबे समय से हैं, तो ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेने के साथ-साथ एंटीबायोटिक्स और गर्म पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये आपके गले की सूजन और इंफेक्शन को कम करने में असरदार होंगे।

Disclaimer- इस लेख में जो भी जानकारी दी गई है, यह केवल आपकी जागरुकता और जानकारी के उद्देश्य के लिए है। इसे डॉक्टर का विकल्प का ना समझें। टॉन्सिल से जुड़ी समस्या जैसे- सूजन, गले में दर्द, खराश आदि के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी घरेलू उपचार या उपाय को अपनाने से पहले योग्य डॉक्टर से संपर्क करना ना भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

टॉन्सिल गले के दोनों ओर स्थित छोटे ऊतक होते हैं, जो शरीर में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करते हैं। टॉन्सिल की वजह से गले में बार-बार सूजन या इंफेक्शन होता है, जिससे गले में दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

घर में टॉन्सिल का इलाज करने के लिए आप गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें। इससे सूजन और दर्द में आराम मिलेगा। शहद, अदरक, लौंग और तुलसी का सेवन करने से भी टॉन्सिल के संक्रमण को दूर किया जा सकता है।

टान्सिल की सूजन को कम करने के लिए हल्दी वाला दूध, सूप, हर्बल टी फायदेमंद हो सकते हैं। गर्म सेंक भी गले की आसपास की सूजन को कम कर सकता है। कुछ चीजों जैसे- मसालेदार खाना, तला-भुना खाना खाने से बचें। ऐसा खाना टॉन्सिल के लक्षणों को बढ़ा सकता है।

अगर आप टॉन्सिल से तुरंत और स्थाई राहत पाना चाहते हैं, तो आप नियमित रूप से गर्म पानी में नमक डालकर कर गरारे करें, भाप लें या फिर गर्म सूप और हर्बल टी का सेवन करें। ये आपके गले को हाइड्रेट रखेंगे और सूजन में राहत प्रदान करेंगे। इनसे गले में होने वाली खराश में भी आराम मिलेगा।

अगर आप टॉन्सिल की समस्या का सामना काफी लंबे समय से कर रहे हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। साथ ही आप नियमित रूप से गर्म पानी से गरारे करना ना भूलें। आप कुछ घरेलू उपायों का भी सहारा ले सकते हैं। लेकिन डॉक्टर से परामर्श लेना अति आवश्यक है।

अगर संक्रमण वायरल है, तो इसे ठीक होने में करीब 5-7 दिनों का समय लग सकता है। बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने के लिए डॉक्टर की सलाह से ही एंटीबायोटिक दवाई लें। अगर इसके लक्षण सामान्य हैं, तो कुछ घरेलू उपायों से इसे कम किया जा सकता है।

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